Category:
Elections (चुनाव)
State:
Rajasthan
2026-08-15 02:12:50
राजस्थान निकाय चुनाव में OBC आरक्षण पर सवाल, वार्ड लॉटरी से साफ होगी तस्वीर
जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित नगरीय निकाय चुनावों को लेकर आरक्षण प्रक्रिया अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। प्रदेश के 309 स्थानीय निकायों में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की नजरें अब आगामी लॉटरी पर टिकी हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार 17 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर वार्ड आरक्षण की लॉटरी निकाली जानी है।
इससे पहले निकाय प्रमुखों के पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर के नगर निगमों में महापौर पद अनारक्षित रखे गए हैं, जबकि प्रदेश के 10 नगर निगमों में छह महापौर पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
OBC आरक्षण बना सबसे बड़ा मुद्दा
निकाय चुनाव की पूरी प्रक्रिया में OBC आरक्षण सबसे महत्वपूर्ण विषयों में रहा है। राजस्थान OBC प्रतिनिधित्व आयोग ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़े जुटाने के लिए डिजिटल सर्वे भी कराया था। इस सर्वे का उद्देश्य पंचायतों और नगरीय निकायों में OBC आरक्षण के लिए आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराना था।
अब आरक्षण की लॉटरी के बाद यह तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी कि किस निकाय और किस वार्ड में SC, ST, OBC, महिला और अनारक्षित वर्ग के लिए सीट निर्धारित होती है। इससे चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों के समीकरण भी बदल सकते हैं।
309 निकायों में बदलेगा चुनावी गणित
प्रदेश में कुल 309 स्थानीय निकाय चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आरक्षण रोटेशन और संबंधित जनसंख्या आंकड़ों के आधार पर तय किया जा रहा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार 309 निकायों में आरक्षण की सूची जारी होने के बाद अलग-अलग संभागों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
आरक्षण तय होने के बाद राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उपयुक्त उम्मीदवारों का चयन होगी। जिन वार्डों में पहले से तैयारी कर रहे दावेदारों की सीट आरक्षण के कारण बदल जाएगी, उन्हें नए विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।
चुनाव की तारीख पर भी नजर
राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने को लेकर समयसीमा का खाका प्रस्तुत किया था। जुलाई में सामने आई जानकारी के अनुसार आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी करने और नवंबर तक चुनाव संपन्न कराने की योजना बताई गई थी।
हालांकि अंतिम चुनाव कार्यक्रम और मतदान की तारीख राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
आने वाले दिनों में वार्ड आरक्षण की लॉटरी राजस्थान के स्थानीय चुनावी समीकरणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। इसके बाद संभावित प्रत्याशियों, राजनीतिक दलों और स्थानीय स्तर पर चुनावी रणनीतियों की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
संवाददाता: श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS