Category:
District News (जिला समाचार)
State:
Madhya Pradesh
2026-09-01 10:00:16
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर रमेश सिंह का हमला, बोले—दलित नेता के अपमान पर चुप्पी संविधान की भावना के खिलाफ
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर रमेश सिंह का हमला, बोले—दलित नेता के अपमान पर चुप्पी संविधान की भावना के खिलाफ
अनूपपुर। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर मैदान के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मामले पर कांग्रेस अनूपपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं अनूपपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रमेश सिंह ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा निशाना साधते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
रमेश सिंह ने कहा कि किसी सार्वजनिक स्थल पर किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद जातिगत आधार पर ‘शुद्धिकरण’ किए जाने की घटना, यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सामाजिक समानता और नागरिक गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता, सम्मान और गरिमा का अधिकार देता है। जाति के आधार पर छुआछूत अथवा भेदभाव की मानसिकता को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी पर कार्रवाई को बताया राजनीतिक दबाव
रमेश सिंह ने आरोप लगाया कि घटना के संबंध में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा एफआईआर की मांग किए जाने के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होना राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाए जाएं और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
दलित, आदिवासी और वंचित वर्गों से एकजुट होने की अपील
कांग्रेस नेता ने दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक तथा अन्य वंचित वर्गों से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होकर सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों की रक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की मांग
रमेश सिंह ने कहा कि यदि जांच में जातिगत अपमान, छुआछूत या भेदभाव के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर भेदभाव लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और कानून का समान रूप से पालन ही लोकतंत्र में जनता का विश्वास मजबूत कर सकता है।
रिपोर्टर मदन मोहन मिश्रा
अनुपपुर जैतहरी मध्य प्रदेश
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