Category:
Politics (राजनीति)
State:
Rajasthan
2026-09-04 04:23:22
जयपुर। आगामी निकाय चुनाव को लेकर जयपुर के विद्याधर नगर और झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। टिकट वितरण के बाद कई वार्डों में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने बागी उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने अपने असंतुष्ट दावेदारों को साधने की चुनौती खड़ी हो गई है।
जयपुर निकाय चुनाव में बागियों ने बढ़ाई सियासी हलचल, विद्याधर नगर में टिकट की जंग तो झोटवाड़ा के 12 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
जयपुर। आगामी निकाय चुनाव को लेकर जयपुर के विद्याधर नगर और झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। टिकट वितरण के बाद कई वार्डों में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने बागी उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने अपने असंतुष्ट दावेदारों को साधने की चुनौती खड़ी हो गई है।
विद्याधर नगर में बागी प्रत्याशी बिगाड़ सकते हैं चुनावी गणित
विद्याधर नगर क्षेत्र के कई वार्डों में टिकट को लेकर दावेदारों के बीच नाराजगी सामने आई है। पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद कुछ नेताओं और स्थानीय दावेदारों ने निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का रुख अपनाया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि बागी प्रत्याशी मजबूत जनाधार के साथ मैदान में टिके रहते हैं तो इसका सीधा असर भाजपा-कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक पर पड़ सकता है।
स्थानीय स्तर पर सड़क, सफाई, जल निकासी, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और पार्कों जैसी मूलभूत समस्याएं भी चुनावी मुद्दों में शामिल हैं। मतदाता इस बार स्थानीय विकास और वार्ड की समस्याओं के समाधान को लेकर प्रत्याशियों से स्पष्ट जवाब मांग रहे हैं।
झोटवाड़ा के 12 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
झोटवाड़ा क्षेत्र के 12 वार्डों में कई स्थानों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर के साथ बागी एवं निर्दलीय प्रत्याशियों के कारण मुकाबला त्रिकोणीय होता दिखाई दे रहा है। कुछ वार्डों में स्थानीय समीकरण इतने मजबूत हैं कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए बागियों को साधना बड़ी चुनौती बन गया है।
क्षेत्र में खराब सड़कों, जलभराव, सीवर व्यवस्था, साफ-सफाई और यातायात जैसी समस्याएं भी चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं। बारिश के दौरान कई सड़कों पर जलभराव और खराब मार्गों की तस्वीरें सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
टिकट वितरण के बाद बढ़ी चुनौती
निकाय चुनाव में टिकट वितरण के बाद दोनों प्रमुख दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने कार्यकर्ताओं और असंतुष्ट दावेदारों को साथ रखने की है। चुनावी मैदान में बागी प्रत्याशियों की मौजूदगी से वोटों का विभाजन होने की संभावना बढ़ गई है। अब आने वाले दिनों में पार्टी संगठन किस तरह नाराज नेताओं को मनाता है और किस वार्ड में किस प्रत्याशी का जनाधार कितना मजबूत रहता है, यह चुनाव परिणामों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
संवाददाता: श्रवण पंवार, जयपुर
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