Category:
Space (अंतरिक्ष)
State:
Delhi
2026-09-05 07:18:52
जयपुर। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 4 सितंबर 2026 को श्रीहरिकोटा से GSLV-F17 के जरिए EOS-05 पृथ्वी अवलोकन उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया। ISRO के अनुसार EOS-05 भारत का जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग करने वाला पहला उपग्रह है।
अंतरिक्ष में भारत की नई ‘नजर’: ISRO ने EOS-05 लॉन्च कर रचा इतिहास, 36 हजार किमी ऊपर से होगी लगातार निगरानी
जयपुर। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 4 सितंबर 2026 को श्रीहरिकोटा से GSLV-F17 के जरिए EOS-05 पृथ्वी अवलोकन उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया। ISRO के अनुसार EOS-05 भारत का जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग करने वाला पहला उपग्रह है।
36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई से रखेगा नजर
EOS-05 को पहले Sub-Geosynchronous Transfer Orbit (Sub-GTO) में स्थापित किया गया है। इसके बाद उपग्रह को अपनी अंतिम जियोसिंक्रोनस कक्षा में पहुंचाया जाएगा। लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई वाली इस कक्षा से बड़े भू-भाग की बार-बार इमेजिंग संभव होगी।
इस तकनीक का इस्तेमाल मौसम की निगरानी, बाढ़-चक्रवात जैसी आपदाओं का आकलन, कृषि एवं फसल की स्थिति, वन क्षेत्र और महत्वपूर्ण क्षेत्रों की निगरानी में किया जा सकेगा। इससे किसी क्षेत्र में तेजी से बदल रही परिस्थितियों की तस्वीरें प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
GSLV-F17 की सफलता भी अहम
यह मिशन ISRO के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि GSLV-F17, GSLV की 19वीं उड़ान है। इस मिशन में 2,367 किलोग्राम वजनी EOS-05 को निर्धारित Sub-GTO में सफलतापूर्वक पहुंचाया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि पर ISRO के वैज्ञानिकों और पूरी टीम को बधाई दी। इस सफलता को भारत की पृथ्वी निगरानी और अंतरिक्ष तकनीक क्षमताओं में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी के रूप में देखा जा रहा है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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