Category:
Education (शिक्षा)
State:
Rajasthan
2026-09-09 03:22:16
जयपुर। राजस्थान के टोंक और जैसलमेर मेडिकल कॉलेजों को लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के स्तर पर गंभीर आपत्तियां सामने आई हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए आवश्यक फैकल्टी, उपकरण, केमिकल, किताबें और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का मामला सामने आया है।
टोंक-जैसलमेर मेडिकल कॉलेजों पर NMC की सख्ती, 100-100 सीटों की मांग पर उठे गंभीर सवाल
फैकल्टी और संसाधनों की कमी का मामला सामने आने के बाद मेडिकल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
जयपुर। राजस्थान के टोंक और जैसलमेर मेडिकल कॉलेजों को लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के स्तर पर गंभीर आपत्तियां सामने आई हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए आवश्यक फैकल्टी, उपकरण, केमिकल, किताबें और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का मामला सामने आया है।
बताया गया है कि कॉलेजों की ओर से मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच के दौरान कई दावों और जमीनी व्यवस्थाओं में अंतर पाया गया। इसी आधार पर 100 सीटों की मांग को खारिज किए जाने की स्थिति बनी है।
50-50 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी संसाधनों का सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों संस्थानों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त फैकल्टी और जरूरी सुविधाओं को लेकर सवाल उठे हैं। मेडिकल शिक्षा में केवल भवन और सीटों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि क्लासरूम, प्रयोगशालाएं, उपकरण, पुस्तकों, अस्पताल सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता भी अनिवार्य है।
उपकरण और किताबों की व्यवस्था पर भी उठे सवाल
जांच के दौरान उपकरणों और केमिकल सहित आवश्यक सामग्री की उपलब्धता को लेकर भी आपत्तियां दर्ज की गईं। जैसलमेर मेडिकल कॉलेज के संदर्भ में रिपोर्ट में किताबों और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।
NMC के मानकों पर खरा उतरना जरूरी
मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित मानकों का पालन आवश्यक है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा देने के लिए पर्याप्त शिक्षक, प्रयोगशाला सुविधाएं, अस्पताल में मरीजों की उपलब्धता, मेडिकल उपकरण और अध्ययन सामग्री जरूरी मानी जाती है।
टोंक और जैसलमेर के मामलों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने से पहले आधारभूत सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना कितना जरूरी है। अब संबंधित संस्थानों की ओर से कमियों को दूर कर निर्धारित मानकों को पूरा करने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
संवाददाता – श्रवण पंवार, जयपुर
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