Category:
District News (जिला समाचार)
State:
Madhya Pradesh
2026-09-09 05:10:32
पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग ने पकड़ा जोर, जबलपुर अधिवेशन में अनूपपुर की आवाज बुलंद
पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग ने पकड़ा जोर, जबलपुर अधिवेशन में अनूपपुर की आवाज बुलंद
20 वर्ष की अधिमान्यता सीमा घटाकर 10 वर्ष करने सहित स्वास्थ्य बीमा, आवास, यात्रा रियायत और श्रद्धा निधि से जुड़ी मांगें उठीं
जबलपुर/अनूपपुर। राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के तत्वावधान में रविवार को जबलपुर के विजयनगर स्थित कचनार क्लब में आयोजित पत्रकार अधिवेशन में प्रदेशभर से आए पत्रकारों ने सुरक्षा, अधिमान्यता और सामाजिक-आर्थिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया। अधिवेशन में पत्रकार हितों को लेकर व्यापक चर्चा के बाद मुख्यमंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह, जबलपुर सांसद आशीष दुबे, जबलपुर उत्तर विधायक डॉ. अभिलाष पांडे एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन को सौंपा गया।
अनूपपुर से पत्रकार हितों की प्रभावी पैरवी
अधिवेशन में राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं संभागीय प्रभारी वरिष्ठ पत्रकार राजेश शुक्ला तथा संभागीय अध्यक्ष चैतन्य मिश्रा ने अनूपपुर जिले का प्रतिनिधित्व किया। चैतन्य मिश्रा ने मंच से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों की चुनौतियों को प्रमुखता से रखा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण पत्रकार सीमित संसाधनों के बीच जनसमस्याओं, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को सामने लाने का कार्य करते हैं। इस दौरान कई बार उन्हें दबाव, धमकी और असुरक्षा जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पत्रकारों की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को प्रभावी एवं ठोस कानूनी व्यवस्था बनानी चाहिए।
अधिमान्यता की 20 वर्ष की शर्त घटाकर 10 वर्ष करने की मांग
ज्ञापन में ग्रामीण और देहात क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों को तहसील स्तर पर स्थानीय अधिमान्यता देने तथा अधिमान्यता के लिए निर्धारित 20 वर्ष के अनुभव की शर्त को घटाकर 10 वर्ष करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। साथ ही अधिमान्यता एवं श्रद्धा निधि के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई।
परिषद ने श्रद्धा निधि के लिए निर्धारित 62 वर्ष की आयु सीमा घटाकर 58 वर्ष करने का प्रस्ताव भी शासन के समक्ष रखा।
स्वास्थ्य बीमा की सीमा 4 से बढ़ाकर 10 लाख करने की मांग
पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत वर्तमान राशि को 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने तथा पत्रकारों पर पड़ने वाली प्रीमियम राशि का बोझ कम करने की मांग की गई। इसके साथ ही पत्रकारों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाने की मांग भी उठाई गई।
आवास और प्रेस क्लब के लिए भूमि की मांग
ज्ञापन में जबलपुर, भोपाल सहित सभी जिला मुख्यालयों पर शासकीय आवासीय योजनाओं में पत्रकारों के लिए आरक्षित सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। पत्रकारों की सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर प्रेस क्लब हेतु भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी सामने रखी गई।
इसके अलावा साप्ताहिक एवं मासिक पत्र-पत्रिकाओं की विज्ञापन नीति में सुधार तथा पत्रकारों के लिए रेलवे और बस यात्रा में पूर्व की तरह रियायत सुविधा बहाल करने की मांग की गई।
कोविड में दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को सहायता की मांग
परिषद ने कोविड-19 के दौरान असामयिक रूप से दिवंगत हुए पत्रकारों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में नियुक्ति देने की मांग भी शासन के समक्ष रखी।
पांच वर्षों से लंबित पत्रकार समितियों के गठन की मांग
ज्ञापन में जनसंपर्क विभाग की पत्रकार समितियों का नियमानुसार नियमित गठन करने की मांग भी शामिल रही। परिषद के अनुसार लंबे समय से समितियों का गठन नहीं होने के कारण पत्रकारों से जुड़े मामलों के निराकरण और शासन-प्रशासन के साथ संवाद की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ऐसे में समितियों का शीघ्र गठन जरूरी है।
समयबद्ध निर्णय की मांग
अधिवेशन में पत्रकारों ने एकजुट होकर शासन से मांग की कि पत्रकारों की सुरक्षा, अधिमान्यता, स्वास्थ्य, आवास, आर्थिक सहायता और अन्य लंबित मामलों पर समयबद्ध एवं सकारात्मक निर्णय लिया जाए। अनूपपुर से राजेश शुक्ला और चैतन्य मिश्रा की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से जिले के पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को प्रदेश स्तरीय मंच पर प्रभावी ढंग से रखा गया।
संवाददाता — मदन मोहन मिश्रा, अनूपपुर
NMS.NEWS — Navdhriti Manavadhikar Samachar