Category:
Viral News (वायरल समाचार)
State:
Delhi
2026-09-12 03:21:38
नई दिल्ली। बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच BRICS देशों के बीच व्यापार को अमेरिकी डॉलर पर कम निर्भर बनाने की चर्चा तेज हो गई है। नई दिल्ली में हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले आर्थिक सहयोग, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और सीमा-पार भुगतान की व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिखाई दे रहा है।
BRICS का बड़ा संदेश: डॉलर पर निर्भरता घटाने की ओर बढ़ रहा वैश्विक व्यापार
स्थानीय मुद्राओं में कारोबार बढ़ाने पर जोर, भारत की रणनीति में डिजिटल भुगतान और मजबूत आर्थिक साझेदारी पर फोकस
नई दिल्ली। बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच BRICS देशों के बीच व्यापार को अमेरिकी डॉलर पर कम निर्भर बनाने की चर्चा तेज हो गई है। नई दिल्ली में हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले आर्थिक सहयोग, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और सीमा-पार भुगतान की व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिखाई दे रहा है।
भारत की ओर से हालांकि डॉलर को अचानक हटाने के बजाय स्थानीय मुद्राओं और डिजिटल भुगतान नेटवर्क को बढ़ावा देने की रणनीति पर सावधानी से आगे बढ़ने के संकेत हैं। विशेषज्ञों के अनुसार BRICS देशों के बीच अपनी-अपनी मुद्राओं में व्यापार बढ़ने से लेनदेन की लागत कम हो सकती है, लेकिन मुद्रा विनिमय जोखिम और व्यापार असंतुलन जैसी चुनौतियां भी बनी रहेंगी।
रुपये पर दबाव, फिर भी भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर की मांग बढ़ने से हाल के दिनों में भारतीय रुपया दबाव में रहा है। 11 सितंबर को रुपया डॉलर के मुकाबले 95.54 पर बंद हुआ। दूसरी ओर, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक सप्ताह में करीब 44.9 अरब डॉलर की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज होकर यह 785.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
भारत-रूस व्यापार और BRICS की नई दिशा
BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात में दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा और भुगतान सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को करीब 70 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य भी दोहराया।
विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS के भीतर स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों का विस्तार वैश्विक व्यापार व्यवस्था में धीरे-धीरे बदलाव ला सकता है। हालांकि डॉलर का तत्काल विकल्प तैयार होना अभी आसान नहीं है। इसलिए आने वाले समय में BRICS की दिशा प्रतिस्पर्धा से अधिक आर्थिक विविधीकरण और भुगतान विकल्प बढ़ाने की हो सकती है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
NMS.NEWS | नवधृति मानवाधिकार समाचार