Category:
Religion (धर्म)
State:
Uttarakhand
2026-09-12 03:23:32
मुंबई। गणेशोत्सव से पहले मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दरबार की भव्य तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस वर्ष पंडाल और प्रवेश द्वार की सजावट में धार्मिक आस्था के साथ भव्य स्थापत्य कला का विशेष समावेश किया गया है। प्रवेश द्वार को उज्जैन के महाकाल मंदिर की शैली और प्रेरणा से तैयार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है।
मुंबई में सजा लालबागचा राजा का भव्य दरबार, महाकाल की प्रेरणा से तैयार हुआ प्रवेश द्वार
मुंबई। गणेशोत्सव से पहले मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दरबार की भव्य तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस वर्ष पंडाल और प्रवेश द्वार की सजावट में धार्मिक आस्था के साथ भव्य स्थापत्य कला का विशेष समावेश किया गया है। प्रवेश द्वार को उज्जैन के महाकाल मंदिर की शैली और प्रेरणा से तैयार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है।
लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के अनुसार, वर्ष 2026 का गणेशोत्सव 14 सितंबर से 25 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। 11 सितंबर की शाम लालबागचा राजा की प्रतिमा का पहला दर्शन भी सामने आया, जिसके बाद मुंबई में गणेशोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है।
महाकाल की तर्ज पर भव्य प्रवेश द्वार
इस बार पंडाल के प्रवेश द्वार को विशेष रूप से आकर्षक बनाया गया है। धार्मिक वास्तुकला की झलक देने वाले इस द्वार में महाकाल मंदिर से प्रेरित स्वरूप को प्रमुखता दी गई है। आयोजकों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कराना है।
लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
लालबागचा राजा मुंबई के सबसे लोकप्रिय गणेश पंडालों में शामिल है और हर वर्ष देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक मुंबई में भक्तिमय माहौल के साथ पंडालों में विशेष आयोजन होते हैं।
इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन और दर्शन व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। लालबागचा राजा की स्थापना की परंपरा 1934 से चली आ रही है और यह मुंबई के गणेशोत्सव की प्रमुख पहचान बन चुका है।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS
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