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Viral News (वायरल समाचार)
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Delhi
2026-09-13 05:08:55
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने वैश्विक व्यापार में बढ़ते संरक्षणवाद, एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं पर गंभीर चिंता जताई। सम्मेलन के दौरान भारत ने विकासशील देशों के हितों, निष्पक्ष व्यापार और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
ब्रिक्स का कड़ा संदेश: एकतरफा टैरिफ पर आपत्ति, वैश्विक व्यापार में समान अवसर की पैरवी
नई दिल्ली | NMS.NEWS
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने वैश्विक व्यापार में बढ़ते संरक्षणवाद, एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं पर गंभीर चिंता जताई। सम्मेलन के दौरान भारत ने विकासशील देशों के हितों, निष्पक्ष व्यापार और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
भारत के लिए बढ़ते व्यापारिक अवसरों पर फोकस
ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को आसान बनाने पर भी चर्चा हुई। नई दिल्ली घोषणा में सीमा-पार भुगतान व्यवस्था को अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए सदस्य देशों की भुगतान प्रणालियों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात कही गई है।
भारत के लिए ब्रिक्स मंच आर्थिक और रणनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच भी मुलाकात हुई, जिसमें व्यापार, बाजार पहुंच, आपूर्ति श्रृंखला और सीमा पर शांति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
अमेरिका की टैरिफ नीति पर अप्रत्यक्ष निशाना
ब्रिक्स देशों ने किसी एक देश का नाम लिए बिना एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की। सदस्य देशों का कहना है कि ऐसी नीतियों का असर विशेष रूप से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
वैश्विक दक्षिण की आवाज मजबूत करने पर जोर
नई दिल्ली घोषणा में वैश्विक दक्षिण की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में मजबूत करने, संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में सहयोग का संकेत दिया गया। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल ढांचे, स्वास्थ्य, ऊर्जा, कृषि और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर रहा।
पश्चिम एशिया में तनाव पर भी चिंता
ब्रिक्स देशों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकतम संयम और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। संयुक्त घोषणा में अंतरराष्ट्रीय विवादों को बातचीत और बहुपक्षीय प्रयासों के माध्यम से सुलझाने की अपील की गई।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS