Category:
Politics (राजनीति)
State:
Rajasthan
2026-10-02 03:25:59
पानी, रोजगार और चारे की व्यवस्था के लिए 4 आईएएस अधिकारी तैयार करेंगे एक्शन प्लान
राजस्थान में सूखे की आहट, 16 हजार गांव और 52 शहरों पर संकट की छाया
पानी, रोजगार और चारे की व्यवस्था के लिए 4 आईएएस अधिकारी तैयार करेंगे एक्शन प्लान
जयपुर। राजस्थान के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में इस बार कम बारिश के चलते सूखे और अकाल जैसे हालात को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 16 हजार से अधिक गांव और 52 शहर संभावित जल संकट, रोजगार की कमी और पशुओं के लिए चारे की चुनौती से प्रभावित हो सकते हैं।
राजधानी जयपुर सहित पश्चिमी और मध्य राजस्थान के कई क्षेत्रों में बारिश की कमी ने चिंता बढ़ाई है। समाचार रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के 9 जिले और मध्य राजस्थान के 2 जिले विशेष रूप से प्रभावित बताए गए हैं। मारवाड़ क्षेत्र में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
स्थिति को देखते हुए सरकार ने पानी, रोजगार और पशु चारे की व्यवस्था के लिए चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की टीम गठित कर एक्शन प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर आवश्यकता के अनुसार राहत एवं प्रबंधन की योजना तैयार करनी है।
16 जिलों के गांवों में बारिश की कमी
रिपोर्ट में बताया गया है कि 16 जिलों के गांवों में बारिश अपेक्षाकृत कम रही। जयपुर में करीब 1,400, अजमेर में 934, ब्यावर में 787, अलवर में 1,134, जालोर में 1,838, जैसलमेर में 2,460, पाली में 961, जोधपुर में 1,030, नागौर में 1,589 और सिरोही में 530 गांव प्रभावित बताए गए हैं। वहीं बालोतरा, बीकानेर, बाड़मेर सहित अन्य जिलों में भी कम बारिश वाले गांवों की संख्या दर्ज की गई है।
पानी की उपलब्धता पर प्रशासन की नजर
सरकार की ओर से पानी की व्यवस्था के लिए टैंकरों, हैंडपंप मरम्मत और आकस्मिक सहायता जैसे उपायों की तैयारी का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार पानी की जरूरत वाले क्षेत्रों में 650 टैंकर और 3,200 श्रमिकों की व्यवस्था की योजना बनाई गई है। हैंडपंप मरम्मत के लिए 150 वाहनों तथा आपात सहायता के लिए कलेक्टर स्तर पर राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी बताई गई है।
राजस्थान में दीर्घकालीन जल सुरक्षा के लिए पहले से चल रही परियोजनाओं पर भी काम जारी है। राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार 120 प्रमुख पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनसे 110 कस्बों, 16,680 गांवों और 12,716 ढाणियों को पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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