Category:
Politics (राजनीति)
State:
Delhi
2026-11-02 03:52:06
दिल्ली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन: राहुल गांधी बोले—‘वोट चोरी करने वालों को कानून के कटघरे में लाएंगे’
दिल्ली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन: राहुल गांधी बोले—‘वोट चोरी करने वालों को कानून के कटघरे में लाएंगे’
एसआईआर के विरोध में रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब, 21 विपक्षी दलों के नेताओं ने दिखाई एकजुटता; मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की उठी मांग
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में विपक्षी दलों ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में विपक्षी गठबंधन INDIA के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी के बीच चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और किसी भी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाया जाना गंभीर चिंता का विषय है। राहुल गांधी ने अपने भाषण में आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
21 विपक्षी दलों की भागीदारी, नेताओं ने निकाला मार्च
इस प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। रैली से पहले विपक्षी नेताओं ने मिंटो रोड और कनॉट प्लेस क्षेत्र से रामलीला मैदान तक मार्च किया। मार्च में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे।
खुले वाहन से आगे बढ़ते नेताओं के साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मार्च में शामिल हुए। रामलीला मैदान पहुंचने के बाद सभा का आयोजन किया गया, जहां अलग-अलग दलों के नेताओं ने अपने विचार रखे। प्रदर्शन के दौरान ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लिखी तख्तियां भी दिखाई दीं।
राहुल गांधी ने उठाए मतदाता अधिकार और संस्थाओं की निष्पक्षता के सवाल
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है और किसानों, मजदूरों तथा युवाओं को उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा पर भी राजनीतिक हमला बोला।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और कथित वोट चोरी के मामलों में कानूनी कार्रवाई की बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी राजनीतिक और कानूनी स्तर पर उठाता रहेगा।
अखिलेश यादव और ममता बनर्जी ने भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ बदलाव की भावना को दर्शाती है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बने रहने के दावे करने वालों को जनता के सवालों का जवाब देना होगा।
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बंगाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
सुबह कम रही भीड़, बाद में मैदान में बढ़ता गया जनसैलाब
अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे रामलीला मैदान के कुछ प्रवेश द्वारों पर अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखाई दी, लेकिन 11 बजे के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों और अन्य राज्यों से आए लोगों के कारण मैदान में भीड़ बढ़ती गई। आयोजन के दौरान पुलिस को प्रवेश द्वारों और भीड़ प्रबंधन के लिए लगातार घोषणाएं करनी पड़ीं।
एसआईआर को लेकर जारी है राजनीतिक टकराव
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने और प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। इसी आधार पर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया की समीक्षा की मांग कर रहा है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार का पक्ष है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण डुप्लीकेट तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाने और सूची को दुरुस्त करने के लिए किया जाता है। आयोग की प्रक्रिया को लेकर उठे आरोपों और उसके आधिकारिक स्पष्टीकरण के बीच यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है।
लोकतंत्र और मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर बहस तेज
रामलीला मैदान की रैली ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं। अब इस पूरे विवाद में चुनाव आयोग की ओर से आने वाले स्पष्टीकरण, उठाई गई शिकायतों पर कार्रवाई और भविष्य की चुनावी प्रक्रिया पर होने वाले फैसलों पर देश की नजर रहेगी।
संवाददाता: श्रवण पंवार, जयपुर
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