Category:
Business (व्यापार)
State:
Maharashtra
2026-10-31 05:07:06
महंगे कच्चे तेल से रिलायंस के O2C कारोबार को बड़ा फायदा, समूह का मुनाफा 33.8% उछला; रिटेल की कमाई में 24.3% गिरावट
इस खबर में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का समेकित शुद्ध मुनाफा 33.8% बढ़ा, जबकि रिलायंस रिटेल का मुनाफा 24.3% घटा। तेल-से-रसायन (O2C) कारोबार की EBITDA में 67.9% की वृद्धि भी कंपनी के नतीजों का बड़ा आधार रही। इसलिए खबर में समूह, जियो और रिटेल के आंकड़े अलग-अलग स्पष्ट रखे जाएंगे, ताकि पाठकों को सही तस्वीर मिले।
# महंगे कच्चे तेल से रिलायंस के O2C कारोबार को बड़ा फायदा, समूह का मुनाफा 33.8% उछला; रिटेल की कमाई में 24.3% गिरावट
**मुंबई/जयपुर | संवाददाता – श्रवण पंवार, NMS.NEWS**
देश के प्रमुख औद्योगिक समूह रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर बाजार में अपनी मजबूत कारोबारी स्थिति का संकेत दिया है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का समेकित सकल राजस्व सालाना आधार पर 27.8 प्रतिशत बढ़कर 3,62,268 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं EBITDA 23.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,409 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा 33.8 प्रतिशत बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी के नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा तेल से रसायन (ऑयल-टू-केमिकल्स यानी O2C) कारोबार की रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी से इस कारोबार को लाभ मिला। दूसरी तरफ रिलायंस रिटेल के मुनाफे में गिरावट ने समूह के अलग-अलग कारोबारों के प्रदर्शन में अंतर भी सामने रखा।
## O2C कारोबार की EBITDA में 67.9 प्रतिशत की उछाल
रिलायंस के O2C कारोबार ने तिमाही के दौरान उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कंपनी के इस खंड की EBITDA 67.9 प्रतिशत बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी के मुताबिक, तिमाही में कच्चे तेल की कीमतों में सालाना आधार पर 40.6 प्रतिशत और परिवहन ईंधन की कीमतों में 50 से 78 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई। डाउनस्ट्रीम रसायनिक उत्पादों की कीमतों में भी 25 से 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी रही।
पेट्रोल-डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के बेहतर मार्जिन ने रिफाइनिंग कारोबार को मजबूती दी। हालांकि, इस प्रदर्शन को केवल महंगे तेल का परिणाम मानना सही नहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय कीमतों, कच्चे माल की लागत, रिफाइनिंग मार्जिन और उत्पादों की मांग जैसे कई कारक इस कारोबार के नतीजों को प्रभावित करते हैं।
## जियो प्लेटफॉर्म्स की कमाई में भी मजबूती
रिलायंस समूह के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार जियो प्लेटफॉर्म्स ने भी सकारात्मक प्रदर्शन किया। जुलाई-सितंबर तिमाही में जियो का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 13.7 प्रतिशत बढ़कर करीब 8,389 करोड़ रुपये रहा। परिचालन से राजस्व 11.4 प्रतिशत बढ़कर 40,475 करोड़ रुपये पहुंच गया।
कंपनी की EBITDA 16.6 प्रतिशत बढ़कर 21,879 करोड़ रुपये रही, जबकि EBITDA मार्जिन 54.1 प्रतिशत तक पहुंच गया। सितंबर के अंत तक जियो के कुल ग्राहक 54.24 करोड़ हो गए। कंपनी के 5G ग्राहकों की संख्या 30 करोड़ के पार पहुंचने और प्रति ग्राहक औसत मासिक आय (ARPU) बढ़कर 218.8 रुपये होने से डिजिटल कारोबार को सहारा मिला।
## रिलायंस रिटेल का मुनाफा 24.3 प्रतिशत घटा
समूह के अन्य कारोबारों के मुकाबले रिलायंस रिटेल का प्रदर्शन दबाव में रहा। सितंबर तिमाही में रिटेल कारोबार का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 24.3 प्रतिशत घटकर 2,611 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, परिचालन से राजस्व 5.8 प्रतिशत बढ़कर 80,220 करोड़ रुपये और सकल राजस्व 6.4 प्रतिशत बढ़कर 91,716 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी के मुताबिक, इस तिमाही में त्योहारों का बड़ा कारोबार दिसंबर तिमाही यानी Q3 में स्थानांतरित हुआ। इसके अलावा डिजिटल कॉमर्स और B2B कारोबार में निवेश, वित्त लागत और परिचालन खर्चों का असर भी मुनाफे पर पड़ा। तिमाही के दौरान कंपनी ने 303 नए स्टोर खोले, जबकि बंद किए गए स्टोरों को मिलाकर कुल स्टोर संख्या में शुद्ध 222 की कमी रही। सितंबर के अंत तक रिलायंस रिटेल के कुल स्टोर 19,947 हो गए।
## समूह की वित्तीय स्थिति पर निवेशकों की नजर
रिलायंस इंडस्ट्रीज का तिमाही प्रदर्शन यह दिखाता है कि ऊर्जा, रिफाइनिंग, डिजिटल सेवाओं और खुदरा कारोबार के अलग-अलग रुझान समूह के समग्र नतीजों को प्रभावित करते हैं। जहां O2C कारोबार को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार से समर्थन मिला, वहीं जियो ने ग्राहक आधार और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के दम पर वृद्धि दर्ज की। रिटेल कारोबार में राजस्व बढ़ने के बावजूद मुनाफे में गिरावट चिंता का विषय बनी रही।
कंपनी ने तिमाही के दौरान 38,153 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय भी दर्ज किया। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि नए निवेश से कारोबार की आय और लाभप्रदता कितनी मजबूत होती है तथा रिटेल क्षेत्र अपने मार्जिन में सुधार कैसे करता है।
## बाजार के लिए क्या संकेत?
रिलायंस के नतीजों में ऊर्जा कारोबार की मजबूती और जियो की लगातार बढ़ती कमाई सकारात्मक संकेत देती है। लेकिन रिटेल के मुनाफे में गिरावट यह बताती है कि समूह के सभी कारोबार एक जैसी गति से आगे नहीं बढ़ रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आगे होने वाले बदलाव, वैश्विक मांग, रिफाइनिंग मार्जिन, डिजिटल सेवाओं में प्रतिस्पर्धा और त्योहारों के मौसम में खुदरा बिक्री कंपनी के आगामी प्रदर्शन के लिए अहम कारक होंगे।
**संवाददाता: श्रवण पंवार, जयपुर**
**Navdhriti Manavadhikar Samachar | NMS.NEWS**
**सच. साहस. न्याय की खबर**
महत्वपूर्ण आंकड़ा-सुधार: अखबार की हेडलाइन में 41% मुनाफा वृद्धि लिखी है, लेकिन रिलायंस की आधिकारिक समेकित वित्तीय विज्ञप्ति के अनुसार समूह का शुद्ध मुनाफा 33.8% बढ़कर ₹29,550 करोड़ रहा। इसी आधिकारिक आंकड़े को खबर में प्राथमिकता दी गई है। रिलायंस रिटेल का मुनाफा 24.3% घटकर ₹2,611 करोड़ और जियो प्लेटफॉर्म्स का मुनाफा 13.7% बढ़कर लगभग ₹8,389 करोड़ रहा। Investor Presentations +4
प्रकाशन के लिए नोट: 41% वाली वृद्धि को समूह के समेकित मुनाफे के रूप में प्रकाशित न करें; वह आधिकारिक समेकित आंकड़े से मेल नहीं खाती।