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Category: Agriculture (कृषि)    State: Rajasthan

2026-10-31 05:02:44

इस खबर में किसान के चार संयुक्त किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खातों में सेंधमारी, बैंक रिकॉर्ड में कथित बदलाव और एटीएम कार्ड के जरिए रकम निकालने के तरीके को प्रमुखता दी जाएगी। साथ में बीकानेर रेंज में बढ़ती साइबर ठगी के आंकड़ों को भी शामिल किया जाएगा।

### किसान के KCC खातों पर साइबर ठगों का कब्जा! बैंक रिकॉर्ड में बदला पता, नए ATM कार्ड बनवाकर 6.08 लाख रुपये निकाले

इस खबर में किसान के चार संयुक्त किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खातों में सेंधमारी, बैंक रिकॉर्ड में कथित बदलाव और एटीएम कार्ड के जरिए रकम निकालने के तरीके को प्रमुखता दी जाएगी। साथ में बीकानेर रेंज में बढ़ती साइबर ठगी के आंकड़ों को भी शामिल किया जाएगा।

# किसान के KCC खातों पर साइबर ठगों का कब्जा! बैंक रिकॉर्ड में बदला पता, नए ATM कार्ड बनवाकर 6.08 लाख रुपये निकाले

**बीकानेर | संवाददाता – श्रवण पंवार, NMS.NEWS**

राजस्थान में साइबर अपराधियों ने अब किसानों के बैंक खातों को निशाना बनाने का नया तरीका अपनाया है। बीकानेर में एक किसान के चार संयुक्त किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खातों में सेंधमारी कर साइबर ठगों ने बैंक रिकॉर्ड में दर्ज पता बदल दिया। इसके बाद नए एटीएम कार्ड जारी करवाकर खातों से करीब 6 लाख 8 हजार 300 रुपये निकाल लिए। पीड़ित किसान को इस धोखाधड़ी का पता तब चला, जब वह बैंक पहुंचा और खाते से निकाली गई रकम की जानकारी मिली।

मामला बीकानेर के मुक्ताप्रसाद नगर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित किसान सुंदर सिंह, उनके भाई लखविंदर सिंह और पुत्र गुरदीप सिंह के नाम से किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत चार संयुक्त बैंक खाते संचालित थे। इन खातों में नाल बड़ी वार्ड नंबर-9 का पता दर्ज था। परिवार इन खातों का उपयोग मुख्य रूप से खेती-किसानी से जुड़े खर्चों और ब्याज के भुगतान के लिए करता था।

## बैंक रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर बदल दिया पता

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने बैंकिंग सिस्टम और सुरक्षा प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए खातों में दर्ज किसान का पता बदलवा दिया। पुराने पते की जगह महाराष्ट्र का पता दर्ज कराया गया। इसके बाद खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी में बदलाव कर नए एटीएम कार्ड जारी करवाए गए।

बताया गया है कि खातों से जुड़े पुराने एटीएम कार्ड बंद करवाकर चार नए एटीएम कार्ड जारी कराए गए। ठगों ने बैंकिंग व्यवस्था में हुए इन बदलावों का फायदा उठाते हुए अलग-अलग खातों से रकम निकाल ली। कुल मिलाकर करीब 6.08 लाख रुपये की निकासी हुई।

## बैंक पहुंचने पर सामने आया पूरा मामला

पीड़ित किसान जब बैंक पहुंचा तो उसने खाते से जुड़ी गतिविधियों और एटीएम कार्ड के संबंध में जानकारी मांगी। बैंक शाखा प्रबंधन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर किसान को खातों के कथित दुरुपयोग का पता चला। इसके बाद पीड़ित ने मुक्ताप्रसाद नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों और मामले में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। बैंक रिकॉर्ड में हुए बदलाव, एटीएम कार्ड जारी करने की प्रक्रिया और रकम निकासी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। मामले की जांच थानाधिकारी विश्वजीत सिंह कर रहे हैं।

## म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क

साइबर अपराध की दुनिया में म्यूल अकाउंट यानी ऐसे बैंक खाते जिनका इस्तेमाल दूसरे लोगों की ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे भेजने के लिए किया जाता है, बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। अपराधी कई बार खाताधारकों को लालच देकर या बैंकिंग दस्तावेजों का दुरुपयोग करके ऐसे खातों का इस्तेमाल करते हैं।

इस मामले में किसान के संयुक्त खातों को कथित तौर पर अपने नियंत्रण में लेकर एटीएम के माध्यम से रकम निकालने का तरीका अपनाया गया। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि बैंक रिकॉर्ड में बदलाव किस माध्यम से किए गए, नए एटीएम कार्ड किस पते पर भेजे गए और निकाली गई रकम किन खातों या व्यक्तियों तक पहुंची।

## तीन साल में बीकानेर रेंज में 18.94 करोड़ रुपये की साइबर ठगी

बीकानेर रेंज के चार जिलों—बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू—में साइबर अपराध के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में साइबर ठगों ने करीब 18.94 करोड़ रुपये की ठगी की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 4.14 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कराने में सफलता हासिल की।

इसी अवधि में साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ी। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में 12,624, वर्ष 2025 में 15,009 और वर्ष 2026 में अब तक 17,349 शिकायतें दर्ज हुईं। पुलिस ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों में 13,789 गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

## सीकर में डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 54.47 लाख की ठगी

साइबर अपराधियों के अलग-अलग तरीकों का एक और मामला सीकर जिले से सामने आया है। यहां 67 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब 54.47 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला दर्ज हुआ। ठगों ने कथित तौर पर खुद को जांच एजेंसी से जुड़ा अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और रकम खातों में ट्रांसफर करवा ली।

यह घटना बताती है कि साइबर अपराधी कभी बैंक खातों में सेंधमारी तो कभी सरकारी एजेंसियों के नाम पर डर पैदा करके लोगों को निशाना बना रहे हैं।

## किसानों और बैंक खाताधारकों के लिए जरूरी सावधानी

बैंक खातों में मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और पते में बदलाव होने पर खाताधारक को तुरंत बैंक से पुष्टि करनी चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, एटीएम पिन, कार्ड विवरण या बैंकिंग पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। खाते से अनधिकृत निकासी या ऑनलाइन ठगी का पता चलते ही बैंक को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन **1930** पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। ऑनलाइन शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल **cybercrime.gov.in** पर भी की जा सकती है।

बीकानेर का यह मामला बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। खासकर किसान क्रेडिट कार्ड जैसे खातों में पता, मोबाइल नंबर और एटीएम कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में अतिरिक्त सत्यापन जरूरी है। अब जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आखिर बैंकिंग रिकॉर्ड में बदलाव किसने और कैसे किए तथा किसान की मेहनत की कमाई किन लोगों तक पहुंची।

**संवाददाता: श्रवण पंवार, जयपुर**
**Navdhriti Manavadhikar Samachar | NMS.NEWS**
**सच. साहस. न्याय की खबर**

संपादकीय तथ्य-जांच: किसान के चार संयुक्त खातों और 6.08 लाख रुपये की निकासी का विवरण आपके साझा समाचार-पत्र की रिपोर्ट पर आधारित है। बीकानेर रेंज के साइबर अपराध आंकड़ों का मिलान 30 अक्टूबर 2026 की प्रकाशित रिपोर्टों से किया गया है। साइबर शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन की पुष्टि राजस्थान सरकार और गृह मंत्रालय के आधिकारिक स्रोतों से होती है। खुलासा ऑनलाइन +4

प्रकाशन से पहले ध्यान दें: किसान के चार खातों में बैंक रिकॉर्ड बदलने और एटीएम कार्ड जारी होने की प्रक्रिया को पुलिस जांच का विषय बताते हुए लिखा गया है; इसे अभी किसी बैंक कर्मचारी की मिलीभगत का प्रमाण न माना जाए।
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