Category:
Crime (अपराध)
State:
Rajasthan
2026-10-31 04:46:18
हाई-सिक्योरिटी सिविल लाइंस में चोरों की पुरानी चाल फिर चर्चा में, विधायक सिंघवी के घर चोरी के बाद खुलीं पिछली वारदातों की परतें
# हाई-सिक्योरिटी सिविल लाइंस में चोरों की पुरानी चाल फिर चर्चा में, विधायक सिंघवी के घर चोरी के बाद खुलीं पिछली वारदातों की परतें
**जयपुर | संवाददाता – श्रवण पंवार, NMS.NEWS**
राजस्थान की राजधानी जयपुर का सिविल लाइंस इलाका वीआईपी और हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र माना जाता है। यहां राजभवन, मुख्यमंत्री निवास और कई बड़े अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के आवास स्थित हैं। इसके बावजूद भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी के निजी आवास पर हुई चोरी की घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वारदात के बाद सिविल लाइंस क्षेत्र में पहले हुई चोरी और सेंधमारी की घटनाएं भी एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 2:15 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने विधायक के आवास की रसोई की खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया। आरोपी करीब एक घंटे तक घर के भीतर रहा और वहां से नकदी व आर्टिफिशियल ज्वेलरी लेकर फरार हो गया। विधायक के निजी सहायक राजवीर सिंह के अनुसार, चोरी हुए सामान में करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और कृत्रिम आभूषण शामिल हैं। घटना के समय घर में परिवार के सदस्यों और कर्मचारियों सहित 10 से अधिक लोग मौजूद थे, जो सो रहे थे।
## पहले भी पांच घरों को बनाया गया था निशाना
अखबार में प्रकाशित विवरण के मुताबिक, सिविल लाइंस क्षेत्र में 9 अक्टूबर 2025 को भी चोरी की एक बड़ी कोशिश सामने आई थी। उस रात करीब छह घंटे के दौरान पांच घरों के ताले तोड़ने की घटनाएं हुई थीं। बदमाशों ने कई मकानों को निशाना बनाया, लेकिन लोगों के जाग जाने और सतर्क हो जाने के कारण वे कुछ घरों में चोरी की वारदात पूरी नहीं कर सके। उस समय एक नामी ज्वेलर के घर में हुई करीब एक करोड़ रुपये की पुरानी चोरी का मामला भी चर्चा में था, जिसका खुलासा नहीं हो पाने को लेकर सवाल उठाए गए थे।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि संदिग्ध बदमाशों द्वारा इलाके में कबाड़ी या मजदूर का रूप धारण कर रेकी किए जाने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, इन गतिविधियों और मौजूदा विधायक आवास की चोरी के बीच कोई सीधा संबंध अभी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदातों के पीछे एक ही गिरोह या अलग-अलग लोग शामिल हैं।
## सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तलाश, 18 पुलिसकर्मियों की टीम गठित
विधायक के आवास पर हुई चोरी के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज के अनुसार, मामले की जांच के लिए 18 पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई है। चार अलग-अलग टीमें सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध के आने-जाने के रास्तों, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित सुरागों पर काम कर रही हैं। जांच में सीएसटी और डीएसटी की टीमों को भी शामिल किया गया है।
पुलिस पुराने कर्मचारियों और अन्य संभावित संपर्कों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस के अनुसार, जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। 31 अक्टूबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी।
## सुरक्षा के दावों के बीच उठे कई सवाल
सिविल लाइंस क्षेत्र में चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस निगरानी रहती है। इसके बावजूद विधायक के आवास में घुसकर करीब एक घंटे तक चोरी की घटना को अंजाम देना कई सवाल खड़े करता है। क्या संदिग्ध ने पहले से घर और आसपास के रास्तों की रेकी की थी? क्या इलाके में रात्रि गश्त और निगरानी पर्याप्त है? क्या पुराने मामलों से मिले सबक के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए गए?
ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब पुलिस जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल जरूरत है कि सिविल लाइंस सहित शहर के संवेदनशील इलाकों में रात्रि गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और सीसीटीवी नेटवर्क को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
**संवाददाता: श्रवण पंवार, जयपुर**
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संपादकीय तथ्य-जांच नोट: 2025 की पांच घरों में सेंधमारी और 2026 में विधायक के आवास पर हुई चोरी को अलग-अलग घटनाओं के रूप में रखा गया है। दोनों के बीच संबंध होने का दावा नहीं किया गया है। 2026 की घटना और पुलिस जांच के विवरण के लिए प्रकाशित रिपोर्टें देखी गई हैं। Latest News & Breaking Stories +3