News Details | Navdhriti Manavadhikar Samachar
Home Category E-Magazine
Quick Menu
NMS NEWS JAIPUR

Reporter

Category: Politics (राजनीति)    State: Rajasthan

2026-10-31 04:56:49

दिल्ली की महारैली में राजस्थान कांग्रेस की ताकत दिखाने की तैयारी, 90 संगठन पदाधिकारियों को बुलावा; एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य

इस खबर का नया और प्रभावी शीर्षक होगा:

दिल्ली की महारैली में राजस्थान कांग्रेस की ताकत दिखाने की तैयारी, 90 संगठन पदाधिकारियों को बुलावा; एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य

खबर का मुख्य फोकस 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली और उसमें राजस्थान की भागीदारी पर रहेगा।

# दिल्ली की महारैली में राजस्थान कांग्रेस की बड़ी ताकत दिखाने की तैयारी, 90 नेताओं को विशेष संदेश; एक लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य

**जयपुर | संवाददाता – श्रवण पंवार, NMS.NEWS**

राजस्थान कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी नेतृत्व इस रैली में राजस्थान की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करना चाहता है। इसके लिए प्रदेश के संगठन पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुखों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी संगठन की ओर से प्रदेश के करीब 90 प्रमुख पदाधिकारियों और जिला स्तर के नेताओं तक विशेष संदेश पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसमें छोटे-बड़े सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति को महत्वपूर्ण बताया गया है।

रैली को लेकर कांग्रेस का लक्ष्य राजस्थान से करीब एक लाख कार्यकर्ताओं और समर्थकों को दिल्ली पहुंचाने का है। पार्टी नेतृत्व इसे केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर का शक्ति प्रदर्शन मान रहा है।

## संगठन के हर स्तर पर पहुंचाया जा रहा संदेश

रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली की तैयारियों को लेकर कांग्रेस संगठन ने प्रदेश के नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पीसीसी पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई और अन्य अग्रिम संगठनों के पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय किया गया है।

पार्टी की रणनीति है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले से कार्यकर्ताओं की पर्याप्त संख्या दिल्ली पहुंचे। इसके लिए जिला स्तर पर बैठकें, संपर्क अभियान और परिवहन व्यवस्था को लेकर समन्वय किया जा रहा है। संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को समय पर दिल्ली पहुंचाने और उनकी वापसी की व्यवस्था करने की है।

## एक लाख कार्यकर्ताओं का लक्ष्य, बसों की व्यवस्था बनी चुनौती

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 25 अक्टूबर को जयपुर में हुई बैठक में राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के सामने प्रदेश से कम से कम एक लाख कार्यकर्ताओं की भागीदारी का भरोसा जताया था। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, राजस्थान से बड़ी संख्या में बसों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने की योजना बनाई गई है। करीब 2,000 बसों की आवश्यकता का अनुमान जताया गया है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में बसों की उपलब्धता और उनकी बुकिंग को लेकर व्यवस्थागत चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। पंचायत चुनाव के दौरान कई बसों की पहले से बुकिंग होने के कारण परिवहन व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बताया जा रहा है।

## अशोक गहलोत की ‘दिल्ली चलो’ अपील

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी रैली को लेकर राजस्थान के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आमजन से दिल्ली पहुंचने की अपील की है। 30 अक्टूबर को उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए आयोजित यह रैली महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं, पार्टी पदाधिकारियों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया। गहलोत ने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हो तो लोग अपने स्तर पर परिवहन की व्यवस्था करके भी दिल्ली पहुंचें।

गहलोत के अनुसार, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े हैं। उन्होंने इस अभियान को केवल कांग्रेस या विपक्ष का मुद्दा न बताते हुए लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ा विषय बताया।

## ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में उठेंगे चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे

कांग्रेस और विपक्षी INDIA गठबंधन की यह रैली विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं, मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों पर केंद्रित रहेगी। विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी उठा रहे हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित विपक्षी गठबंधन के नेताओं की इस कार्यक्रम में भागीदारी प्रस्तावित है। पार्टी इसे देशव्यापी अभियान के महत्वपूर्ण चरण के रूप में देख रही है।

## दिल्ली पुलिस ने रखीं सख्त शर्तें, शाम 5 बजे तक समाप्त करनी होगी रैली

दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रैली आयोजित करने की अनुमति शर्तों के साथ दी है। आयोजकों को पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे, निगरानी नियंत्रण कक्ष, पेयजल, शौचालय और स्वयंसेवकों की व्यवस्था करनी होगी। महिलाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था भी अनिवार्य की गई है।

इसके अलावा रैली में शामिल होने वाले वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थानों पर ही करनी होगी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भीड़ को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालना होगा। पुलिस ने रामलीला मैदान से किसी अन्य स्थान की ओर जुलूस निकालने और परिसर में रात्रि ठहराव की अनुमति नहीं दी है।

## राजस्थान कांग्रेस के लिए संगठनात्मक ताकत दिखाने की परीक्षा

राजस्थान से एक लाख कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने का लक्ष्य प्रदेश कांग्रेस संगठन के लिए बड़ी चुनौती है। इस रैली में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के साथ-साथ जिला स्तर के पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस अपने घोषित लक्ष्य के अनुरूप कितनी बड़ी संख्या में राजस्थान से कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचा पाती है। रैली में प्रदेश की भागीदारी न केवल कांग्रेस के राजनीतिक संदेश को मजबूती देगी, बल्कि संगठन की जमीनी सक्रियता और आपसी समन्वय की भी परीक्षा होगी।

**संवाददाता: श्रवण पंवार, जयपुर**
**Navdhriti Manavadhikar Samachar | NMS.NEWS**
**सच. साहस. न्याय की खबर**

प्रकाशन हेतु तथ्य-जांच: एक लाख कार्यकर्ताओं का लक्ष्य राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर आधारित है। 90 पदाधिकारियों को विशेष संदेश और 2,000 बसों की जरूरत संबंधी विवरण अखबार में प्रकाशित जानकारी के रूप में रखा गया है; इन्हें स्वतंत्र रूप से पुष्ट आधिकारिक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। रैली की तारीख, समय और दिल्ली पुलिस की शर्तों की पुष्टि प्रकाशित रिपोर्टों से की गई है। The Economic Times +4
Old Archives & News

Looking for our older reports or missed stories from the past?

View Old News