Category:
Politics (राजनीति)
State:
Rajasthan
2026-08-23 03:27:38
जयपुर। चंदलाई झील के कैचमेंट क्षेत्र में सरकारी जमीन के कथित दुरुपयोग और अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, करीब 5 बीघा सरकारी जमीन पर फार्म हाउस तैयार कर लिया गया था, जिसके बाद संबंधित एजेंसी के निर्देश पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की।
चंदलाई झील के कैचमेंट में सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल! पूर्व सरपंच के पट्टों से बनी फार्म हाउस की जमीन, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर
जयपुर। चंदलाई झील के कैचमेंट क्षेत्र में सरकारी जमीन के कथित दुरुपयोग और अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, करीब 5 बीघा सरकारी जमीन पर फार्म हाउस तैयार कर लिया गया था, जिसके बाद संबंधित एजेंसी के निर्देश पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2016 से 2021 के बीच चंदलाई के तत्कालीन सरपंच शैलेन्द्र सिंह के कार्यकाल में बड़ी संख्या में कागजी पट्टे जारी किए गए। आरोप है कि इन पट्टों का इस्तेमाल बाद में जमीन के लेन-देन और रजिस्ट्री के लिए किया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि ड्राइवर, नौकर और अन्य सहयोगियों को भूमिहीन दर्शाकर पट्टे जारी किए गए और बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जमीन का हस्तांतरण किया गया।
सिर्फ 7 मिनट में हुई रजिस्ट्री का भी उल्लेख
मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि संबंधित जमीन की रजिस्ट्री कथित तौर पर बेहद कम समय में पूरी कर दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, 7 मिनट के भीतर रजिस्ट्री होने का उल्लेख है। इससे पूरी प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
कैचमेंट क्षेत्र में निर्माण पर उठे सवाल
चंदलाई झील का कैचमेंट क्षेत्र जल संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में जमीन को समतल कर निर्माण किए जाने और बहाव क्षेत्र प्रभावित होने के आरोपों ने प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े किए हैं। कार्रवाई के दौरान फार्म हाउस के निर्माण को ध्वस्त किया गया।
मामले में अब यह महत्वपूर्ण होगा कि जमीन के मूल स्वामित्व, पट्टों की वैधता, रजिस्ट्री की प्रक्रिया और सरकारी अधिकारियों/स्थानीय स्तर पर हुई कार्रवाई की जांच किस स्तर तक पहुंचती है। यदि दस्तावेजों में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की संभावना बन सकती है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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