Category:
Business (व्यापार)
State:
Rajasthan
2026-08-23 03:36:07
जयपुर। राजस्थान में पर्यावरण नियमों का पालन नहीं करने वाले उद्योगों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने सख्ती तेज कर दी है। जयपुर, जोधपुर, पाली और बालोतरा में बड़ी संख्या में ऐसे उद्योग प्रदूषण नियंत्रण मंडल के निशाने पर हैं, जिनसे नदियों, भूजल, हवा और आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की शिकायतें सामने आई हैं।
जयपुर समेत 4 जिलों में 4 हजार उद्योगों पर कार्रवाई की तैयारी, 2080 सील; प्रदूषण फैलाने वालों पर शिकंजा
जयपुर। राजस्थान में पर्यावरण नियमों का पालन नहीं करने वाले उद्योगों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने सख्ती तेज कर दी है। जयपुर, जोधपुर, पाली और बालोतरा में बड़ी संख्या में ऐसे उद्योग प्रदूषण नियंत्रण मंडल के निशाने पर हैं, जिनसे नदियों, भूजल, हवा और आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की शिकायतें सामने आई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन चार जिलों में करीब 4 हजार उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति बनी हुई है। इनमें से लगभग 2080 कपड़ा एवं केमिकल उद्योगों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। विभाग का फोकस विशेष रूप से उन औद्योगिक इकाइयों पर है, जहां से बिना पर्याप्त उपचार के प्रदूषित पानी या अन्य अपशिष्ट निकलने की आशंका है।
नदियों और भूजल को प्रदूषण से बचाने पर जोर
जाजरी, बांडी, लूणी और सांगानेर क्षेत्र की नदियों तथा उनके आसपास के इलाकों में औद्योगिक प्रदूषण को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। विभाग अब ऐसे उद्योगों की निगरानी बढ़ाने की तैयारी में है, जो पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, क्रिमिनल लायबिलिटी के तहत भी प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कार्रवाई की जा सकती है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी लागू किया जा सकता है।
रीवर बेसिन रिस्टोरेशन प्लान पर काम
प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में नदियों के पुनर्जीवन और पर्यावरण सुधार के लिए रीवर बेसिन रिस्टोरेशन प्लान तैयार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके तहत नदियों में जाने वाले प्रदूषित पानी को रोकने, अपशिष्ट जल का उपचार करने और पर्यावरणीय मानकों की निगरानी मजबूत करने पर जोर रहेगा।
वहीं, औद्योगिक क्षेत्रों में नियमों के अनुपालन की जांच और निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि उद्योगों को पर्यावरणीय मानकों का पालन करना होगा, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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