News Details | Navdhriti Manavadhikar Samachar
LIVE UPDATES
Loading fresh updates...
NMS NEWS JAIPUR

Reporter

Category: Politics (राजनीति)    State: Rajasthan

2026-08-30 03:30:14

जयपुर। निकाय चुनाव के लिए टिकट फाइनल होने से पहले राजस्थान की सियासत में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। प्रत्याशियों के चयन को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में बैठकों का दौर जारी है, लेकिन टिकट की दावेदारी के बीच कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच विवाद की स्थिति भी बनती दिखाई दे रही है।

निकाय चुनाव से पहले भाजपा-कांग्रेस में घमासान, टिकट की दौड़ ने बढ़ाई नेताओं की तल्खी

भाजपा में विवाद ने लिया उग्र रूप, कांग्रेस वार रूम में भी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक

जयपुर। निकाय चुनाव के लिए टिकट फाइनल होने से पहले राजस्थान की सियासत में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। प्रत्याशियों के चयन को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में बैठकों का दौर जारी है, लेकिन टिकट की दावेदारी के बीच कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच विवाद की स्थिति भी बनती दिखाई दे रही है।

जयपुर में सामने आए एक विवाद में पूर्व विधायक राजकुमारी जाट और भाजपा जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह के बीच टिकट को लेकर कहासुनी बढ़ने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार विवाद के दौरान पूर्व विधायक द्वारा चप्पल दिखाने और जिलाध्यक्ष द्वारा दुपट्टे से अपनी गर्दन कसने जैसी स्थिति बन गई। मामला इतना बढ़ा कि पार्टी कार्यालय तक शिकायतें पहुंचीं और वरिष्ठ नेताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के वार रूम में भी टिकट वितरण को लेकर माहौल गरमाने की खबर सामने आई है। समाचार रिपोर्ट के मुताबिक पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी के दौरान पूर्व मंत्री रामलाल जाट और धीरज गुर्जर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बताया गया कि दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच भी विवाद की स्थिति बनी और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

टिकट की दावेदारी ने बढ़ाई अंदरूनी खींचतान

निकाय चुनाव में वार्ड स्तर पर टिकट को लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ गई है। एक ही सीट से कई दावेदार सामने आने के कारण पार्टी नेतृत्व के सामने प्रत्याशी चयन चुनौती बनता जा रहा है। टिकट नहीं मिलने की आशंका के बीच कई जगहों पर विरोध और आपसी आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आ रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण के अंतिम चरण में दोनों प्रमुख दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने ही कार्यकर्ताओं और दावेदारों को एकजुट रखना होगी। टिकट की घोषणा के बाद बगावत और निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में उतरने की स्थिति चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

चुनाव से पहले संगठन की परीक्षा

निकाय चुनाव केवल प्रत्याशी चयन का मुकाबला नहीं, बल्कि दोनों दलों के संगठनात्मक प्रबंधन की भी परीक्षा माना जा रहा है। अब देखना होगा कि भाजपा और कांग्रेस नेतृत्व इन विवादों को किस तरह शांत करता है और टिकट वितरण के बाद असंतुष्ट नेताओं व कार्यकर्ताओं को किस हद तक साथ रखने में सफल रहता है।

संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS
सच • साहस • न्याय की खबर
Old Archives & News

Looking for our older reports or missed stories from the past?

View Old News