Category:
Army (सेना)
State:
Rajasthan
2026-08-30 03:38:16
जयपुर। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और वाहन चालकों को संभावित दुर्घटना वाले स्थानों से पहले सतर्क करने के लिए ऑपरेशन सेफर रोड्स के तहत महत्वपूर्ण पहल की गई है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ दौसा और अलवर से गुजरने वाले मार्ग पर 6 ब्लैक स्पॉट को गूगल मैप से जोड़ा गया है। वहीं राजस्थान के विभिन्न मार्गों पर कुल 101 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं।
🚨 ऑपरेशन सेफर रोड्स: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 6 ब्लैक स्पॉट चिन्हित, अब गूगल मैप देगा 200 मीटर पहले अलर्ट
जयपुर। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और वाहन चालकों को संभावित दुर्घटना वाले स्थानों से पहले सतर्क करने के लिए ऑपरेशन सेफर रोड्स के तहत महत्वपूर्ण पहल की गई है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ दौसा और अलवर से गुजरने वाले मार्ग पर 6 ब्लैक स्पॉट को गूगल मैप से जोड़ा गया है। वहीं राजस्थान के विभिन्न मार्गों पर कुल 101 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, इन ब्लैक स्पॉट पर हुए हादसों के विश्लेषण के आधार पर संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया गया है। जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश की ओर से गूगल प्रबंधन को पत्र भेजकर इन स्थानों को मैपिंग सिस्टम में शामिल करने की पहल की गई है।
गूगल मैप 200 मीटर पहले देगा चेतावनी
नई व्यवस्था के तहत वाहन चालक जब किसी चिन्हित ब्लैक स्पॉट के करीब पहुंचेगा तो गूगल मैप पर सड़क सुरक्षा संबंधी चेतावनी दिखाई देगी। इससे चालक समय रहते वाहन की गति कम कर सावधानी बरत सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में यह व्यवस्था हादसों को रोकने में उपयोगी साबित हो सकती है।
NH-4 के 6 प्रमुख ब्लैक स्पॉट
हादसों के आंकड़ों के आधार पर जिन स्थानों को चिन्हित किया गया है, उनमें कोलवा के दारापुरा, राजगढ़ के पिनान, कोलवा की टिगरिया टप्पा-कोल्हेर, रैणी के कपरेटी, लक्ष्मणगढ़ के बास ढेकड़ा और बड़ौदा-मेव सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 से 13 जुलाई 2026 के बीच इन स्थानों पर कई गंभीर सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें मौतों के साथ बड़ी संख्या में लोग घायल हुए।
101 ब्लैक स्पॉट किए गए मैप पर दर्ज
ऑपरेशन सेफर रोड्स के तहत राजस्थान में चिन्हित 101 ब्लैक स्पॉट को गूगल मैप पर जोड़े जाने की प्रक्रिया की गई है। इनमें जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, भिवाड़ी, अलवर-खैरथल-तिजारा और दौसा समेत कई जिले शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, ब्लैक स्पॉट पर अलर्ट सिस्टम की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को समय रहते चेतावनी देकर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाले सड़क हादसों को कम करना है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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